संत बसवेश्वर : जीवन-दर्शन और सामाजिक क्रांति

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  • डॉ. विजयकुमार शंकरराव शिंदे ##default.groups.name.author##

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भारतीय संत परंपरा में 12 वीं शताब्दी एक महत्वपूर्ण कालखंड रहा है। इसी युग में कर्नाटक की पावन भूमि पर संत बसवेश्वर का अवतरण हुआ। वे केवल एक संत या कवि नहीं थे, बल्कि एक क्रांतिकारी चिंतक, दूरदर्शी समाज-सुधारक और आध्यात्मिक दार्शनिक थे। उन्होंने उस समय की जड़ और रूढ़ सामाजिक व्यवस्था को चुनौती दी तथा समानता, श्रम की प्रतिष्ठा, स्त्री-पुरुष समता और मानवता का संदेश दिया।

उनका जीवन-दर्शन केवल धार्मिक उपदेशों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह सामाजिक परिवर्तन का आधार बना। उन्होंने अपने विचारों को व्यवहार में उतारा और एक ऐसे समाज की कल्पना की, जहाँ जाति, लिंग, वर्ग और पेशे के आधार पर कोई भेदभाव न हो।

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2026-03-19